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बड़ी राहत: खाड़ी संकट के बीच पेट्रोल-डीजल पर ₹10 एक्साइज ड्यूटी कम, लेकिन पंपों के लिए ‘पहले भुगतान, फिर सप्लाई’ का नया नियम लागू

जमशेदपुर/चांडिल:

खाड़ी देशों (Middle East) में जारी भीषण तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने आम आदमी को बड़ी राहत दी है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में 10 रुपये प्रति लीटर की भारी कटौती करने का फैसला किया है। यह कदम घरेलू बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

कच्चे तेल में उछाल के बावजूद कीमतों पर लगाम

​अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर से उछलकर सीधे 122 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं। इसके बावजूद, उत्पाद शुल्क में कटौती से उपभोक्ताओं और तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिली है। कोल्हान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के कुणाल कर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल बाजार में आपूर्ति सुगम होगी, बल्कि आम जनता पर पड़ने वाला महंगाई का बोझ भी कम होगा।

पंप संचालकों के लिए बदला नियम: ‘क्रेडिट’ सिस्टम खत्म

​एक ओर जहां जनता को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर तेल कंपनियों ने आपूर्ति के नियमों में कड़ा बदलाव किया है। सोमवार से ‘उधारी’ (Credit) व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

जमशेदपुर में तेल का गणित और डीलरों पर दबाव

​जमशेदपुर शहर में रोजाना लगभग 300 किलोलीटर (KL) पेट्रोल और 300 किलोलीटर डीजल की खपत होती है। पंप संचालक नंद सिंह के अनुसार, अचानक उधारी बंद होने और एडवांस पेमेंट लागू होने से डीलरों की कार्यशील पूंजी (Working Capital) पर भारी दबाव आ गया है। इस नए अनुशासन के कारण कई डीलर जरूरत के मुताबिक तेल का उठाव नहीं कर पा रहे हैं।

चांडिल और आसपास के इलाकों में संकट की स्थिति

​शहर में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन चांडिल अनुमंडल में हालात चिंताजनक हैं।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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