काबुल/इस्लामाबाद: डूरंड रेखा पर जारी तनाव अब एक पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। अफगान मीडिया आउटलेट ‘टोलो न्यूज’ ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से एक सनसनीखेज दावा किया है कि तालिबान सेना ने नंगरहार प्रांत में पाकिस्तान के एक लड़ाकू विमान (Fighter Jet) को मार गिराया है।
पायलट को जिंदा पकड़ने का दावा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान गिरने के बाद पाकिस्तानी पायलट को तालिबान सैनिकों ने जिंदा पकड़ लिया है। हालांकि, अभी तक पकड़े गए पायलट के नाम या विमान के मॉडल की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि तालिबान ने इस आधुनिक जेट को किस हथियार (मिसाइल या एंटी-एयरक्राफ्ट गन) से निशाना बनाया।
तोर्खम बॉर्डर बना युद्ध का मैदान
अफगान मीडिया और स्थानीय रिपोर्टरों के अनुसार, तोर्खम सीमा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच भीषण जंग छिड़ गई है।
- हमले की तीव्रता: तोर्खम के कमिश्नर मुल्ला ताज मोहम्मद नक्शबंदी ने बताया कि अफगान सेना ने पाकिस्तानी सेना के सप्लाई डिपो, सैन्य ठिकानों और तीन महत्वपूर्ण टावरों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
- बड़ा नुकसान: तालिबान का दावा है कि इन हमलों में पाकिस्तानी सैनिकों को जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद का कड़ा रुख
कंधार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
”पाकिस्तान में एक विशेष गुट पूरे इलाके को अस्थिर करने की साजिश रच रहा है। हमने कई बार बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन इस्लामाबाद शांति नहीं चाहता। पाकिस्तान लगातार युद्ध के बहाने ढूंढ रहा है और अपने आंतरिक संकट का दोष अफगानिस्तान पर मढ़ रहा है।”
मुजाहिद ने पुष्टि की कि अफगानिस्तान की एयर फोर्स ने पाकिस्तान के सैन्य केंद्रों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तानी विमान लगातार अफगानिस्तान की हवाई सीमा (Airspace) का उल्लंघन कर रहे थे।
क्यों भड़की यह आग?
तनाव की शुरुआत तब हुई जब गुरुवार रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांतों में हवाई हमले किए थे। तालिबान ने इसे अपनी संप्रभुता पर हमला बताया और जवाबी कार्रवाई शुरू की।
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष तुरंत नहीं रुका, तो यह पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों ही देश आर्थिक और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों से जूझ रहे हैं।
