जमशेदपुर/नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश के सभी 33 करोड़ घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता अब अपनी तेल कंपनी के मोबाइल ऐप और ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप के जरिए घर बैठे ही यह वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और घरेलू गैस की कीमतों में उछाल आया है।
घर बैठे कैसे करें e-KYC? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए सरकार ने प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है:
- अपने स्मार्टफोन पर संबंधित गैस कंपनी (Indane, HP, या Bharatgas) का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।
- गूगल प्ले स्टोर से ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप इंस्टॉल करें।
- गैस कंपनी के ऐप में ‘e-KYC’ विकल्प चुनें और चेहरे के बायोमेट्रिक्स (Face Authentication) के जरिए प्रक्रिया पूरी करें। नोट: जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर सकते, वे अपने नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर बायोमेट्रिक मशीन के जरिए वेरिफिकेशन करा सकते हैं।
उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के लिए विशेष नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के 10.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए साल में एक बार e-KYC कराना अनिवार्य है।
- सब्सिडी के लिए जरूरी: सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है।
- रिफिल नियम: e-KYC न होने पर भी एक वित्तीय वर्ष में 7 रिफिल तक की आपूर्ति नहीं रोकी जाएगी, लेकिन 7 से अधिक सिलेंडर के लिए e-KYC अनिवार्य होगा।
महंगी हुई रसोई गैस: दिल्ली में ₹913 हुआ दाम
वैश्विक संकट के चलते 7 मार्च 2026 को घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है।
- सामान्य उपभोक्ता: दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये हो गई है।
- उज्ज्वला लाभार्थी: सब्सिडी के बाद इन्हें सिलेंडर 613 रुपये में मिलेगा।
बुकिंग के बदले नियम: अब करना होगा लंबा इंतजार
जमाखोरी रोकने और आपूर्ति प्रबंधन के लिए सरकार ने दो सिलेंडरों के बीच ‘लॉक-इन पीरियड’ बढ़ा दिया है:
- शहरी क्षेत्र: अब 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं होगा।
- ग्रामीण क्षेत्र: अब 45 दिन से पहले दूसरी बुकिंग नहीं की जा सकेगी।
क्यों कड़े किए गए नियम?
ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे समुद्री मार्गों से गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कालाबाजारी रोकने और वास्तविक उपभोक्ताओं तक गैस पहुँचाने के लिए e-KYC और नए बुकिंग नियमों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क
