लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। अखिलेश यादव के सौतेले भाई और दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। प्रतीक यादव भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति थे।
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव को बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के निदेशक डॉक्टर जीपी गुप्ता ने प्रारंभिक तौर पर इसे ‘सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग’ (संदिग्ध विषाक्तता) का मामला बताया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह फूड प्वाइजनिंग थी या किसी अन्य पदार्थ का सेवन।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रतीक यादव सुबह करीब 4 बजे अपने घर के किचन में अचेत अवस्था में पाए गए थे। मौके पर डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
जांच का विषय और पोस्टमार्टम
प्रतीक यादव की मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा किया गया है।
- पोस्टमार्टम की स्थिति: पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शव को घर ले जाया गया है।
- रिपोर्ट का इंतज़ार: विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने में 3-4 दिन का समय लग सकता है, जिसके बाद ही मौत की गुत्थी सुलझ पाएगी।
अखिलेश यादव के साथ मधुर संबंध
38 वर्षीय प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपना व्यवसाय संभालते थे, जबकि उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा की सक्रिय नेता हैं। अखिलेश यादव और उनके छोटे भाई प्रतीक के बीच संबंध हमेशा मधुर रहे। प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। मुलायम सिंह ने 2003 में साधना गुप्ता के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।
परिवार में शोक की लहर
प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन से यादव परिवार और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। बीते कुछ समय से उनके अस्वस्थ होने की खबरें भी आ रही थीं, लेकिन अचानक इस तरह उनके निधन ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
तीसरी धारा न्यूज
