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IDFC FIRST Bank में ₹590 करोड़ का महा-फर्जीवाड़ा: चंडीगढ़ ब्रांच से उड़े हरियाणा सरकार के फंड, शेयर 16% लुढ़का

चंडीगढ़/मुंबई: प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। बैंक की चंडीगढ़ स्थित एक शाखा में 590 करोड़ रुपये के बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस खबर के सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में बैंक के निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया।

शेयर बाजार में भारी गिरावट

​फर्जीवाड़े की खबर का असर बैंक के शेयरों पर सीधा और गहरा पड़ा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर बैंक का शेयर 16.18% की भारी गिरावट के साथ 70.04 रुपये पर बंद हुआ। इस गिरावट से निवेशकों को एक ही दिन में करोड़ों रुपये की चपत लगी है।

कैसे हुआ खुलाशा?

​बैंक द्वारा BSE को दी गई जानकारी के अनुसार, यह मामला तब पकड़ में आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद करने और फंड को दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया।

RBI की पैनी नजर और सुरक्षा का भरोसा

​इस घटनाक्रम पर आरबीआई (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि केंद्रीय बैंक स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक शाखा स्तर की घटना है और इसमें कोई ‘सिस्टमैटिक इश्यू’ (प्रणालीगत समस्या) नहीं है।

क्या आपका पैसा सुरक्षित है? (DICGC नियम)

​बैंक में फर्जीवाड़े की खबर से आम ग्राहकों में अपने डिपॉजिट्स को लेकर चिंता बढ़ जाती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आपका पैसा कितना सुरक्षित है:

  1. 5 लाख तक का बीमा: डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (DICGC) के तहत हर बैंक ग्राहक का अधिकतम 5 लाख रुपये तक का डिपॉजिट पूरी तरह सुरक्षित होता है।
  2. क्या-क्या है शामिल: इसमें आपका सेविंग्स अकाउंट, एफडी (FD), आरडी (RD) और करंट अकाउंट का पैसा शामिल है।
  3. मूलधन और ब्याज: इस 5 लाख की सीमा में जमा राशि (Principal) और उस पर मिलने वाला ब्याज (Interest) दोनों शामिल हैं।
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