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लद्दाख में भारतीय बाइकर्स के साथ बड़ा ‘डिजिटल खेल’; भारत की जमीन पर मोबाइल में दिखा चीन का टाइम ज़ोन, छिड़ी बहस

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तीसरी धारा न्यूज: लद्दाख के बर्फीले पहाड़, खुली सड़कें और रोमांचक सफर हर साल लाखों बाइकर्स और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन हाल ही में लद्दाख गए कुछ भारतीय बाइकर्स के साथ एक ऐसी हैरान करने वाली घटना हुई, जिसने देश की डिजिटल और नेटवर्क सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो आते ही तूफान आ गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर @EinstYdv नाम के यूजर ‘Einstein Yadav’ ने एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में एक भारतीय बाइक राइडर लद्दाख की सड़कों पर घूमता नजर आ रहा है। इसी दौरान अचानक उसके मोबाइल की स्क्रीन पर एक नोटिफिकेशन फ्लैश होता है— “Your time zone changed. You’re now in China Standard Time” (आपका टाइम ज़ोन बदल गया है। अब आप चीन मानक समय में हैं)।https://x.com/i/status/2067138372729262345

तीसरी धारा न्यूज के अनुसार, वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नोटिफिकेशन आते ही बाइकर का फोन शाम के 7:38 बजे का समय दिखाने लगा, जबकि उस वक्त भारत में शाम के करीब 5:00 बज रहे थे। भारत और चीन के समय में यह अंतर ढाई घंटे से भी ज्यादा का है। भारत की सीमा के भीतर खड़े होने के बावजूद फोन द्वारा चीनी समय दिखाए जाने वाले इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर अब तक 14 हजार से ज्यादा लाइक्स और 4 हजार से अधिक रिट्वीट मिल चुके हैं।

​आखिर क्यों बदल गया मोबाइल का टाइम ज़ोन? (तकनीकी कारण)

​इस पूरी घटना के पीछे एक बड़ी तकनीकी वजह सामने आई है:

​सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘डिजिटल संप्रभुता’ की बहस

​वीडियो के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में एक बड़ी बहस छिड़ गई है। जहां मुकेश कुमार कस्वां नाम के एक यूजर ने सवाल उठाते हुए लिखा, “भाई, अगर आप चीन की धरती पर खड़े होगे तब CST आएगा, अब आप ही देख लो आप कहाँ खड़े हो।” यानी कुछ लोग यह आशंका जताने लगे कि कहीं राइडर अनजाने में एलएसी (LAC) पार तो नहीं कर गए थे।

​वहीं, मौके का फायदा उठाकर एक चीनी यूजर @yongshi ने भ्रामक दावा करते हुए लिख दिया कि “लद्दाख प्राचीन काल से चीनी क्षेत्र रहा है”, जिसे भारतीय यूजर्स ने तुरंत और पूरी तरह से नकार दिया।

तीसरी धारा न्यूज के मुताबिक, इस पूरी बहस पर खुद वीडियो पोस्ट करने वाले आइंस्टीन यादव ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कमेंट बॉक्स में अज्ञानता फैलाने वालों को यह समझना चाहिए कि यह कोई भौगोलिक घुसपैठ नहीं, बल्कि सीधे तौर पर भारत की ‘डिजिटल और नेटवर्क सुरक्षा’ से जुड़ा एक गंभीर मामला है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

— तीसरी धारा न्यूज

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