पाकुड़: झारखंड के पाकुड़ जिले में रामपुरहाट-गुमानी रेलखंड पर एक भीषण रेल हादसे की साजिश को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी (GRP) ने विफल कर दिया है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पटरी पर अवरोध उत्पन्न कर ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की थी।
रात के अंधेरे में रची गई थी साजिश
हावड़ा डिवीजन के अंतर्गत कोटालपोखर और तिलभीट्टा स्टेशनों के बीच 10 जनवरी की रात करीब 10:00 से 10:30 बजे के बीच इस घटना को अंजाम दिया गया। पिलर संख्या 156/4 के पास डाउन लाइन पर असामाजिक तत्वों ने करीब पांच फीट लंबा लोहे का भारी टुकड़ा रख दिया था।
ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
इसी दौरान वहां से एक मालगाड़ी गुजर रही थी। मालगाड़ी का इंजन पटरी पर रखे लोहे के टुकड़े से जोरदार तरीके से टकराया। इस टक्कर में रेल पटरी के नीचे लगे आधा दर्जन से अधिक कंक्रीट स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, ड्राइवर ने समय रहते स्थिति को भांप लिया और सतर्कता बरतते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
पकड़े गए आरोपी और कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की। सघन छापेमारी के बाद तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया:
- यार मोहम्मद शेख (रानीपुर गांव)
- राहुल शेख (संग्रामपुर गांव)
- नाजमी शेख (कुमारपुर गांव)
सीनियर सेक्शन इंजीनियर उज्जवल कुमार की शिकायत पर जीआरपी कांड संख्या 01/2026 दर्ज की गई है। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
साजिश के मकसद की जांच जारी
आरपीएफ निरीक्षक के अनुसार, तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि:
- पटरी पर लोहे का टुकड़ा रखने के पीछे का वास्तविक उद्देश्य क्या था?
- क्या इसमें किसी बड़े संगठित नेटवर्क या किसी साजिशकर्ता का हाथ है?
- क्या उनका इरादा केवल रेलवे को नुकसान पहुँचाना था या जानमाल की क्षति करना?
रेलवे अधिकारियों ने राहत जताई है कि ट्रैक की मरम्मत कर परिचालन को फिर से सामान्य कर दिया गया है। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर रेलखंड पर गश्त बढ़ा दी गई है।
