जमशेदपुर/टाटानगर: चक्रधरपुर मंडल के आरपीएफ (RPF) उड़नदस्ता ने चलती ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरपीएफ ने टाटानगर स्टेशन से गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लाखों के मोबाइल और चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद हुए हैं।
CCTV फुटेज से खुला राज
घटना बुधवार रात की है, जब गश्त के दौरान आरपीएफ टीम ने मुंबई-हावड़ा मेल (12809) के एसी कोच से दो संदिग्ध युवकों को हड़बड़ी में उतरकर भागते देखा। शक होने पर जब स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की सघन जांच की गई, तो परतें खुलती चली गईं। फुटेज से स्पष्ट हुआ कि यह दो नहीं, बल्कि चार लोगों का एक संगठित गिरोह है।
घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
आरपीएफ उड़नदस्ता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टाटानगर स्टेशन के ‘नाइट आउट’ क्षेत्र के पीछे घेराबंदी की और चारों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्न रूप में हुई है:
- ऋषि तोरवा
- अल्ताफ आलम (11 बार जेल जा चुका शातिर अपराधी)
- चंदन राम उर्फ चिंटू
- विशाल तिवारी उर्फ जीशान
ये सभी आरोपी ओडिशा के बड़बिल के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से चोरी के महंगे उपकरण बरामद हुए हैं:
- मोबाइल: एक Apple, एक OnePlus और एक Vivo मोबाइल (कुल कीमत लगभग ₹1.60 लाख)।
- औजार: चोरी के लिए इस्तेमाल होने वाला बड़ा कटर, हेक्सा ब्लेड और मोबाइल चार्जर।
आरपीएफ के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य सदस्य अल्ताफ आलम एक आदतन अपराधी है, जो पहले भी 11 बार जेल की हवा खा चुका है।
आगे की कार्रवाई
आरपीएफ ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए रेल थाना टाटानगर को सौंप दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
