रांची / जमशेदपुर:
बिष्टुपुर के पॉश इलाके में स्थित डीडी बार के बाहर सरेआम हुए दुस्साहसिक हत्याकांड ने जमशेदपुर पुलिस के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घिरी हेमंत सोरेन सरकार ने आखिरकार कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री के कड़े तेवर के बाद लापरवाही के आरोपी जमशेदपुर के एसएसपी पियुष पांडेय और पड़ोसी जिले सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी पर गाज गिर गई है। दोनों को पद से हटाए जाने के बाद सरकार ने मंगलवार देर रात नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की अधिसूचना जारी कर दी।
क्राइम कंट्रोल की बड़ी चुनौती: सीआईडी से जमशेदपुर भेजे गए डॉ. बकारिब
जमशेदपुर की कमान अब 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी डॉ. एहतेशाम बकारिब को सौंपी गई है। सीआईडी (CID) एसपी के तौर पर काम कर रहे डॉ. बकारिब को तत्काल प्रभाव से जमशेदपुर का नया वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नियुक्त किया गया है। शहर में बेखौफ होते जा रहे अपराधियों पर नकेल कसना और थथरा चुकी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाना नए कप्तान के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
सरायकेला में अब मनोज स्वर्गियारी संभालेंगे मोर्चा
इसी फेरबदल के तहत सरायकेला-खरसावां जिले की कमान भी बदल दी गई है। जैप-5 (JAP-5) के कमांडेंट के रूप में तैनात मनोज स्वर्गियारी को अब सरायकेला-खरसावां का नया एसपी बनाया गया है।
वर्दी पर दाग और सीएम का सीधा एक्शन
दरअसल, वीआईपी इलाके में हुई इस अंधाधुंध चाकूबाज़ी और जानलेवा हमले ने सीधे तौर पर पुलिसिया इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही माना। यही वजह रही कि बिना वक्त गंवाए दोनों जिलों के कप्तानों को एक साथ चलता कर दिया गया। अब देखना यह है कि नए अधिकारियों की एंट्री के बाद कोल्हान में अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं या नहीं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
