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सावधान जमशेदपुर! साइबर शिकारियों ने बिछाया डिजिटल जाल, ‘डिजिटल अरेस्ट’ और निवेश के नाम पर ₹1.18 करोड़ की ठगी

जमशेदपुर: 90 के दशक का वह मशहूर विज्ञापन— “शिकारी आएगा, जाल बिछाएगा, दाना डालेगा, लोभ से उसमें फंसना नहीं”—आज के डिजिटल युग में जमशेदपुर के लिए सबसे बड़ी चेतावनी बन गया है। शहर में पिछले दो महीनों के भीतर साइबर ठगों ने अलग-अलग इलाकों में जाल बिछाकर मासूम नागरिकों से करीब 1.18 करोड़ रुपये की गाढ़ी कमाई लूट ली है।

केस 1: मानगो में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ, गंवाए ₹56 लाख

​मानगो की हिल बिहार कॉलोनी के प्रमोद शर्मा को ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए अपना शिकार बनाया।

केस 2: बुजुर्ग की पेंशन पर डकैती, ₹54.95 लाख साफ

​मानगो की ही माधवबाग कॉलोनी में एक बुजुर्ग के जीवन भर की जमापूंजी पर ठगों ने हाथ साफ कर दिया।

केस 3: निवेश और शेयर ब्रोकिंग का फर्जी लालच

​गोविंदपुर और कदमा के इलाकों में ‘मुनाफे’ का लालच देकर लाखों की ठगी की गई:

साइबर ठगों के ‘हथियार’—जिनसे आपको बचना है:

ठगी का प्रकारपहचानबचाव
डिजिटल अरेस्टपुलिस/CBI बनकर वीडियो कॉल करना।पुलिस कभी वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी नहीं देती।
पेंशन/बैंक फ्रॉडबैंक अधिकारी बनकर OTP मांगना।अपना OTP, PIN या पासवर्ड किसी को न बताएं।
इन्वेस्टमेंट लिंकटेलीग्राम/व्हाट्सएप पर भारी मुनाफे का लिंक।अनजान

क्या करें अगर ठगी हो जाए?

​यदि आप या आपका कोई परिचित साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना देर किए:

  1. 1930 (नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर) पर तुरंत कॉल करें।
  2. www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
  3. ​नजदीकी साइबर थाना (बिष्टुपुर, जमशेदपुर) को सूचित करें।
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