कोलकाता/पानीहाटी: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। 15 वर्षों के ममता बनर्जी के शासन को पीछे छोड़ते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 200 से अधिक सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80-90 सीटों पर सिमटती नजर आ रही है।
रत्ना देवनाथ: दुख से जीत तक का सफर
इस चुनाव की सबसे भावुक और बड़ी खबर उत्तर 24 परगना की पानीहाटी सीट से आई। यहाँ भाजपा उम्मीदवार रत्ना देवनाथ ने टीएमसी के कद्दावर नेता तीर्थंकर घोष को करारी शिकस्त दी। रत्ना देवनाथ उस ट्रेनी डॉक्टर की माँ हैं, जिनकी 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज में नृशंस हत्या कर दी गई थी।
जीत का समीकरण:
- शुरुआती दौर: टीएमसी उम्मीदवार तीर्थंकर घोष ने बढ़त बनाई हुई थी।
- आठवां राउंड: यहाँ से पासा पलटा और रत्ना देवनाथ ने करीब 20,463 वोटों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।
- नारा: “हमें न्याय चाहिए” (We Want Justice) के नारे के साथ उन्होंने पूरे चुनाव में जनता की भावनाओं को जोड़े रखा।
चुनावी नतीजों का मुख्य आकर्षण
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पार्टी |
सीटें |
स्थिति |
|---|---|---|
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
208 |
प्रचंड बहुमत |
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) |
79 |
भारी नुकसान |
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अन्य/वाम दल |
नगण्य |
प्रभावहीन |
सोशल मीडिया पर भावनाओं का सैलाब
रत्ना देवनाथ की जीत की खबर फैलते ही सोशल मीडिया ‘जस्टिस फॉर आरजी कर’ के संदेशों से भर गया।
- एक यूजर ने लिखा, “यह केवल एक सीट की जीत नहीं, बल्कि एक माँ के धैर्य और इंसाफ की पुकार की जीत है।”
- दूसरे ने कहा, “जनता ने दिखा दिया कि वे अब व्यवस्था में बदलाव और सुरक्षा चाहते हैं।”
आरजी कर मामला: जो चुनाव का केंद्र बना
अगस्त 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना ने न केवल बंगाल बल्कि पूरे भारत को आंदोलित कर दिया था। डॉक्टरों के लंबे विरोध प्रदर्शन और परिवार द्वारा जांच पर उठाए गए सवालों ने सरकार विरोधी लहर पैदा की। भाजपा ने इसी ‘संस्थानिक विफलता’ को मुद्दा बनाया और पीड़िता की माँ को चुनावी मैदान में उतारकर इसे एक नैतिक लड़ाई में बदल दिया।
निष्कर्ष:
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पानीहाटी की यह जीत प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश दे रही है कि जनता ने “विकास” के साथ-साथ “न्याय” और “सुरक्षा” को भी प्राथमिकता दी है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज
