जमशेदपुर: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में कुकिंग गैस की किल्लत को लेकर अफवाहें और घबराहट का माहौल देखा जा रहा है। इस डर की वजह से कई लोग घरों में अतिरिक्त एलपीजी (LPG) सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में सिलेंडर रखने की एक कानूनी सीमा तय है? नियमों का उल्लंघन करने पर आपको भारी जुर्माना या जेल भी हो सकती है।
घर में कितने सिलेंडर रखना है कानूनी?
सरकारी नियमों और तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के मानकों के अनुसार, एक सामान्य घरेलू उपभोक्ता अपने पास अधिकतम दो (14.2 किलोग्राम वाले) सिलेंडर ही रख सकता है। इसमें एक सिलेंडर उपयोग के लिए चूल्हे से जुड़ा होता है और दूसरा बैकअप के तौर पर रखा जाता है।
इन कानूनों के तहत हो सकती है कार्रवाई
भारत में एलपीजी सिलेंडर का भंडारण गैस सिलेंडर नियम 2016 और पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के दिशा-निर्देशों के अधीन है।
- जमाखोरी पर सजा: चूँकि एलपीजी ‘आवश्यक वस्तु’ की श्रेणी में आती है, इसलिए इसकी अवैध जमाखोरी करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act) की धारा 7 के तहत 3 महीने से 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
- जब्ती का अधिकार: नियम 6A के तहत अधिकारियों को तय सीमा से अधिक पाए गए सिलेंडरों को तत्काल ज़ब्त करने का अधिकार प्राप्त है।
बुकिंग के नियमों में भी है बदलाव
अफवाहों के बीच मांग को नियंत्रित करने के लिए बुकिंग के अंतराल में भी बदलाव किए गए हैं:
- शहरी क्षेत्र: अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर अनिवार्य है।
- ग्रामीण क्षेत्र: सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए यह सीमा अब 45 दिन कर दी गई है।
सरकार की अपील: घबराएं नहीं, सप्लाई पूरी तरह सामान्य
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है। भारत अब कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका, रूस, नॉर्वे और कनाडा जैसे देशों से भी गैस आयात कर रहा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) मजबूत बनी हुई है। देश में रोजाना करीब 50 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है और बुकिंग के औसतन 2.5 दिन के भीतर सिलेंडर घर पहुँच रहा है।
तीसरी धारा न्यूज़ की सलाह: सुरक्षा और कानून के नज़रिए से घर में अतिरिक्त गैस सिलेंडर जमा न करें। यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि ज्वलनशील गैस होने के कारण बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
