जमशेदपुर: आज के डिजिटल युग में आधार कार्ड महज एक दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारी पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बैंक खाता खुलवाना हो, सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो या सिम कार्ड खरीदना—हर जगह आधार अनिवार्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आधार में दर्ज हर जानकारी को आप बार-बार नहीं बदल सकते? भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अपडेट को लेकर कुछ बेहद सख्त नियम बनाए हैं।
इन जानकारियों के लिए मिलता है सिर्फ एक मौका
UIDAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आधार कार्ड की कुछ मुख्य जानकारियों को अपडेट करने की एक सीमा तय की गई है। अगर आप इन सीमाओं को पार कर लेते हैं, तो भविष्य में सुधार करवाना लगभग असंभव हो जाता है:
- जन्मतिथि (Date of Birth): आधार में जन्मतिथि बदलने का मौका जीवन में केवल एक बार मिलता है। इसके लिए वैध दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट की गहन जांच की जाती है। एक बार सुधार होने के बाद दोबारा बदलाव की अनुमति नहीं दी जाती।
- लिंग (Gender): आधार में जेंडर की जानकारी भी पूरे जीवन में सिर्फ एक बार ही अपडेट की जा सकती है।
- नाम (Name): नाम में सुधार के लिए अधिकतम दो बार की अनुमति दी गई है।
क्यों जरूरी है सावधानी?
देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी के पास आधार है। स्कूल एडमिशन से लेकर एयरपोर्ट पर ‘डिजियात्रा’ ऐप के इस्तेमाल तक, हर जगह डेटा का सटीक होना अनिवार्य है। यदि आपकी जन्मतिथि या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी गलत है और आप अपनी अपडेट लिमिट खत्म कर चुके हैं, तो आपको कई सरकारी और वित्तीय सेवाओं से वंचित होना पड़ सकता है।
अपडेट कराते समय इन बातों का रखें ध्यान
- वैध दस्तावेज: हमेशा मूल (Original) और अधिकृत दस्तावेजों का ही उपयोग करें।
- डाटा क्रॉस-चेक: आधार केंद्र पर ऑपरेटर द्वारा जानकारी दर्ज करते समय स्क्रीन पर खुद डेटा चेक करें।
- सटीकता: स्पेलिंग और तारीखों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही फाइनल सबमिट करें।
तीसरी धारा न्यूज की सलाह: आधार कार्ड में किसी भी तरह का बदलाव करवाते समय पूरी सावधानी बरतें, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपके लिए भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
