जमशेदपुर। शिक्षा के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रही जमशेदपुर की प्रतिष्ठित संस्था, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी (NSU) ने इस शैक्षणिक सत्र से एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने संस्थान में इसी वर्ष से 5 वर्षीय एकीकृत बीए-एलएलबी (BA-LLB) कोर्स शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की है। इस नए और महत्वाकांक्षी पाठ्यक्रम के लिए कुल 60 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कानून के क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले झारखंड और पड़ोसी राज्यों के विद्यार्थियों के लिए अब स्थानीय स्तर पर ही वैश्विक मानकों की कानूनी शिक्षा प्राप्त करने का यह एक बेहतरीन अवसर है।
विधि विभाग का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड
यूनिवर्सिटी में विधि विभाग का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है। यहाँ साल 2019 से ही एल.एल.बी (LLB) और बी.बी.ए-एल.एल.बी (BBA-LLB) की पढ़ाई सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। विभाग की इसी उत्कृष्टता को देखते हुए साल 2022 में परास्नातक पाठ्यक्रम यानी एल.एल.एम (LLM) के लिए भी आधिकारिक संबद्धता मिल गई थी। अब इन पाठ्यक्रमों की अपार सफलता के बाद, यूनिवर्सिटी इसी सत्र से बीए-एलएलबी कोर्स की शुरुआत कर छात्रों को कानूनी शिक्षा का एक संपूर्ण पैकेज प्रदान कर रही है।
प्रबंधन का दृष्टिकोण: न्याय प्रणाली को मजबूत बनाना
इस नए पाठ्यक्रम की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने कहा:
”कानून की पढ़ाई शुरू करना हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। हमारा उद्देश्य हमेशा से विद्यार्थियों के करियर को एक नई उड़ान देना रहा है। इस नए कोर्स के माध्यम से हम देश को ऐसे कुशल, संवेदनशील और योग्य कानूनी विशेषज्ञ प्रदान करेंगे जो समाज और न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकें।”
वहीं, यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने पाठ्यक्रम की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि बीए-एलएलबी के लिए संस्थान के पास देश के सर्वश्रेष्ठ और अनुभवी फैकल्टी मेंबर्स की टीम है। यह टीम छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक समझ भी प्रदान करेगी ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को करियर के सर्वश्रेष्ठ अवसर प्राप्त हो सकें।
अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मूट कोर्ट की सुविधा
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, बीए-एलएलबी कोर्स के लिए विशेष रूप से अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। इसमें एक समृद्ध डिजिटल लाइब्रेरी के साथ-साथ मूट कोर्ट (Moot Court) की भी व्यवस्था की गई है, ताकि छात्रों को वास्तविक कोर्ट रूम का व्यावहारिक अनुभव मिल सके और वे वकालत की बारीकियों को जमीन पर सीख सकें।
सीमित सीटों को देखते हुए विश्वविद्यालय ने इच्छुक विद्यार्थियों से जल्द से जल्द आवेदन करने की अपील की है। छात्र विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन या पोखारी स्थित कैंपस में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपनी नामांकन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज।
