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गोड्डा: महागामा में बैंक ऑफ इंडिया में दिनदहाड़े डकैती की कोशिश; गार्ड की बहादुरी और अलार्म ने बचाए करोड़ों, मुठभेड़ में गार्ड घायल

गोड्डा (महागामा): झारखंड के गोड्डा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ महागामा अनुमंडल मुख्यालय स्थित बैंक ऑफ इंडिया (BOI) की शाखा में हथियारबंद अपराधियों ने लूट का दुस्साहसिक प्रयास किया। हालांकि, सुरक्षा गार्ड की जांबाजी और शाखा प्रबंधक की सूझबूझ के आगे डकैतों के मंसूबे फेल हो गए।

हेलमेट हटाने को कहा, तो चला दी गोली

​घटना सोमवार दोपहर की है, जब केचुआ चौक स्थित बैंक की शाखा में चार अपराधी लूट की नीयत से पहुंचे थे। दो अपराधी हेलमेट पहनकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। बैंक में तैनात 50 वर्षीय सुरक्षा गार्ड विनोद कुमार सिंह ने जब उन्हें सुरक्षा नियमों के तहत हेलमेट हटाने को कहा, तो अपराधियों ने उन पर सीधी फायरिंग कर दी।

​गोली गार्ड के कंधे को छूते हुए निकल गई। घायल होने के बावजूद विनोद कुमार सिंह ने हिम्मत नहीं हारी, जिसके बाद बदमाशों ने उनसे बंदूक छीनने की कोशिश की और दो राउंड फायरिंग की।

मैनेजर की ‘इमरजेंसी अलार्म’ रणनीति आई काम

​गोलीबारी की आवाज सुनते ही बैंक परिसर में चीख-पुकार मच गई। इसी बीच शाखा प्रबंधक ने अपनी जान की परवाह किए बिना इमरजेंसी अलार्म बजा दिया और तुरंत लॉकर रूम को सुरक्षित लॉक कर दिया। अलार्म के शोर से घबराकर अपराधी बैंक के अंदर कैश काउंटर तक नहीं पहुंच सके और मौके से फरार हो गए। भागते समय भी अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए दो राउंड हवाई फायरिंग की।

बहादुर गार्ड अस्पताल में भर्ती, स्थिति स्थिर

​वीरेंद्र कुमार सिंह को तत्काल महागामा रेफरल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गार्ड अब खतरे से बाहर हैं। स्थानीय लोगों और बैंक कर्मियों ने विनोद कुमार सिंह को ‘असली हीरो’ बताया है, जिनकी मुस्तैदी के कारण बैंक में जमा करोड़ों रुपए सुरक्षित रहे।

बिहार सीमा पर नाकेबंदी, जांच में जुटी पुलिस

​घटना की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर उपेंद्र महतो और थाना प्रभारी मनोज पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

तीसरी धारा न्यूज का सवाल: क्या सीमावर्ती इलाकों में बैंक सुरक्षा को और अधिक पुख्ता करने की जरूरत नहीं है? अपराधियों के बढ़ते हौसले प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

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