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अमेजन करेगी विक्रेता चार्ज में बदलाव, जानिए कस्टमर्स पर क्या पड़ सकता है असर

अमेजन इंडिया ने सेलर्स को सूचित किया है कि वह 7 अप्रैल से अपने चार्जेस में बदलाव करेगी। इसमें प्रोडक्ट की कीमत के आधार पर हाई चार्जेस के लिए कई कैटेगरी तय की जाएंगी।

सेलर्स को अपनी लेटेस्ट नोटिफिकेशन में अमेजन ने कहा है कि वह शिपिंग, रेफरल और तकनीकी लागतों के हिसाब से अलग-अलग तरह के चार्जेस में बदलाव कर रही है। अमेजन प्लेटफॉर्म पर बेची गई हर चीज के लिए सेलर्स से ली जाने वाली ये फीस, ईकॉमर्स प्रमुख कंपनी के लिए इनकम का एक महत्वपूर्ण सोर्स है।

इससे पहले कब बदले गए थे चार्ज

अमेजन हर कुछ महीनों में इन चार्जेस में बदलाव करती है। इससे पहले आखिरी अपडेट मई 2023 आई थी। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार अब फिर से 7 अप्रैल से कंपनी नए चार्जेस लागू करने जा रही है।
मगर कभी-कभी सेलर्स हायर प्रोडक्ट प्राइसिंग के जरिए इस शुल्क वृद्धि से होने वाले नुकसान को ग्राहकों से वसूलते हैं। यानी वे अपने प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ा देते हैं, जिससे सारा बोझ कस्टमर पर पड़ता है। इस बार भी ऐसा हो सकता है।

इन कैटेगरियों पर बढ़े चार्ज

पिछले साल मई में अमेजन ने जिन चीजों और कैटेगरियों पर चार्जेस बढ़ाए थे, उनमें ब्यूटी प्रोडक्ट जैसे मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन (पहले के 2.5% के मुकाबले 6.5% से शुरू), ग्रोसरी और लग्जरी गिफ्ट (पहले के 6% के मुकाबले 9% से शुरू), दरवाजे और खिड़कियां (पहले के शुरुआती 5 फीसदी से बढ़ाकर फ्लैट 10%) और 3डी प्रिंटर (पहले के 7 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी) शामिल हैं।

इन कैटगरियों के चार्जेस घटाए गए

कुछ कैटेगरियों के चार्जेस में कटौती भी की गई। जैसे इन्वर्टर और बैटरी (पहले के 5.5% के मुकाबले अब 4.5%) और फ्रेग्रेंसेज (पहले के 14% के मुकाबले अब 12.5%) पर चार्जेस कम किए गए थे।

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