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जमुई हादसे के बाद रेलवे का एक्शन, आसनसोल DRM पर गिरी गाज, जानें कैसे नदी में गिरे थे मालगाड़ी के डिब्बे

रेलवे ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल मंडल रेल प्रबंधक (Divisional Railway Manager) पर बड़ा एक्शन लिया है. DRM को पद से हटा दिया गया है. बताया जा रहा है कि हाल ही में जसीडीह झाझा के बीच मालगाड़ी पटरी से उतर गयी थी.

इसके कई कोच ब्रिज से नीचे गिए गए थे. रेलवे बोर्ड ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे. रेलवे ने इतने बड़े लेवल पर लिए एक्शन से ये स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

रेल मंत्रालय के जारी आदेश में पूर्व रेलवे के आसनसोल डिवीजन की DRM विनीता श्रीवास्तव को पद से हटा दिया गया है. बोर्ड के रविन्द्र पाण्डेय द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया है कि विनीता श्रीवास्तव पश्चिमी मध्य रेलवे के वापस कैडेर में भेजा जा रहा है. उनकी जगह सुधीर कुमार शर्मा को DRM कार्यभार सौंपा गया है. रेल मंत्रालय के आदेश में बताया गया कि तत्काल दोनों अधिकारी इस आदेश पर अमल करें.

अगस्त 2025 में संभाला था कार्यभार

अगस्त 2025 में DRM पद के लिए पहले जयंत कुमार के नाम का पत्र जारी हुआ था, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया था. इसके बाद विनीता श्रीवास्तव को यह जिम्मेदारी दी गई थी. अब महज पांच महीने के भीतर उनके तबादले को रेल दुर्घटना की जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है. रेलवे सूत्रों के अनुसार, हादसे की जांच और सुरक्षा मानकों में ढिलाई को लेकर रेलवे बोर्ड बेहद गंभीर है, और यह प्रशासनिक फेरबदल उसी दिशा में उठाया गया पहला बड़ा कदम है.

27 दिसंबर की रात जमुई में हुआ था रेल हादसा

बिहार के जमुई जिले में 27 दिसंबर की देर रात बड़ा रेल हादसा हुआ था. जसीडीह-झाझा मुख्य रेलखंड पर टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बधुआ (बरुआ) नदी के पुल (पुल संख्या 676) पर सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. इसमें 8 से 19 डिब्बे पटरी से उतरे, जिनमें से 3 से 10 डिब्बे पुल से नीचे नदी में गिर गए. कई डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए और ट्रैक बिखर गए. इसके बाद ट्रैक सुधार के बाद 30-31 दिसंबर तक यातायात बहाल होने लगा. बताया जाता है कि इस हादसे से हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी.

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