इस बार झारखंड में मनमाने तरीके से पटाखे नहीं छोड़ सकेंगे। नियमों का पालन करना जरूरी होगा, इसे लेकर जिला पशासन ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें पटाखा विक्रेताओं से लेकर आम नागरिकों तक के लिए विस्तृत गाइडलाइन दी गई है, ताकि आगजनी, दुर्घटनाओं और आपातकालीन स्थितियों से बचा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने पटाखा विक्रेताओं से अपील की है कि वे केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही पटाखों की बिक्री करें और आवश्यक अनुमति या अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना सुनिश्चित करें।जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो भी विक्रेता या व्यक्ति इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपात स्थिति में नागरिक जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं — दूरभाष संख्या: 0651-2215855, 8987790664, 7667985619 और 7070440888
पटाखा विक्रेताओं के लिए प्रमुख निर्देश:
• पटाखों की बिक्री केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही की जाए।
• बिक्री से पहले अग्निशमन विभाग और प्रशासन से अनुमति पत्र लेना अनिवार्य है।
• बाजार, सड़क किनारे, पेट्रोल पंप, गैस गोदाम या भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिक्री सख्त वर्जित है।
• केवल पर्यावरण-अनुकूल और कम ध्वनि वाले पटाखे ही बेचें (ध्वनि स्तर 125 डेसिबल से अधिक न हो)।
• नाबालिगों को बिक्री कार्य में शामिल न करें।
• बिजली की वायरिंग प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से कराएं और ISI मार्क वाले कॉपर तारों का ही उपयोग करें।
• पंडाल के पास पानी, बालू और अग्निशमन यंत्र की पर्याप्त व्यवस्था रखें।
• पंडाल में ज्वलनशील पदार्थों (डीजल, पेट्रोल, केरोसिन आदि) को रखने की मनाही है।
• पंडाल में प्राथमिक उपचार किट और प्रशिक्षित स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह:
• पटाखे अधिकृत विक्रेताओं या मान्यता प्राप्त निर्माताओं से ही खरीदें।
• रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक पटाखे न जलाएं।
• घरों के अंदर, सड़कों या भीड़ वाले क्षेत्रों में पटाखे न जलाएं।
• पटाखे फोड़ने के लिए लंबी लकड़ी या फुलझड़ी का प्रयोग करें — माचिस का सीधा प्रयोग न करें।
• अधजले पटाखों को हाथ से उठाने के बजाय उन पर पानी डालकर निष्क्रिय करें।
• पटाखे छोड़ते समय ढीले कपड़े न पहनें और पास में कंबल, पानी और बालू रखें।
• अगर कपड़ों में आग लगे तो जमीन पर लेटकर उलट-पलट कर आग बुझाने की कोशिश करें।
• बहुमंजिला मकानों में खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें ताकि जलते हुए पटाखे घर में प्रवेश न करें।
• पास में प्राथमिक चिकित्सा किट अवश्य रखें और गंभीर स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचें।
रांची जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अपील की है कि सभी नागरिक सुरक्षित, जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से दीपावली मनाएं, ताकि त्योहार खुशियों के साथ-साथ सुरक्षित भी बना रहे।
