तीसरी धारा न्यूज, आदित्यपुर:
सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में इन दिनों पुलिस यातायात और वाहन चेकिंग को लेकर बेहद मुस्तैद नजर आ रही है। ताजा मामला आदित्यपुर पुराना पुलिया के पास का है, जहां पुलिस से बचने के लिए चोर रास्ता अपनाने वाले वाहन चालकों को मात देने के लिए पुलिस ने एक नया और हैरान करने वाला चेकिंग पॉइंट तैयार कर दिया। हालांकि, पुलिस की इस ‘अति-सक्रियता’ को देखकर अब स्थानीय जनता भी पुलिसिया प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने लगी है।
क्या है पूरा वाकया?
दरअसल, आदित्यपुर पुराना पुलिया के पास पुलिस द्वारा नियमित रूप से वाहनों की जांच की जा रही थी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने गौर किया कि कई दुपहिया और चार पहिया वाहन चालक मुख्य चेकिंग पॉइंट को देखते ही उससे काफी पहले ही बाईं ओर मुड़ जा रहे हैं। ये लोग वहां बने एक कच्चे रास्ते से होते हुए, नदी के किनारे-किनारे सफर तय कर सीधे पटियाला बार के पास निकल जा रहे थे और पुलिसिया कार्रवाई से बच निकल रहे थे।
जैसे ही पुलिस को इस ‘शॉर्टकट’ और गुप्त रास्ते की भनक लगी, पुलिस टीम ने तुरंत रणनीति बदली। पुलिस ने मुख्य मार्ग के साथ-साथ अब उसी कच्चे और सुनसान रास्ते पर भी एक नया चेकिंग पॉइंट खड़ा कर दिया। अब नदी किनारे से भागने की कोशिश करने वाले लोग सीधे पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं।
मुस्तैदी पर उठे सवाल: क्या सिर्फ चालान काटना ही प्राथमिकता है?
पुलिस की इस त्वरित रणनीति और मुस्तैदी की जहां कुछ लोग चर्चा कर रहे हैं, वहीं आम जनता के बीच इस बात को लेकर गहरा आक्रोश और सवाल भी पनप रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस राजस्व (चालान) वसूलने के लिए जितनी मुस्तैदी और दिमाग लगा रही है, काश उसका आधा हिस्सा भी क्षेत्र की सुरक्षा में लगाया जाता।
जनता का तीखा सवाल: स्थानीय लोगों का कहना है कि आदित्यपुर और आसपास के इलाकों में चोरी, राहजनी, मोबाइल और छिनतई (स्नैचिंग) की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। असामाजिक तत्व शाम ढलते ही सक्रिय हो जाते हैं। अगर पुलिस इसी मुस्तैदी और रणनीति का आधा हिस्सा भी इन अपराधियों और असामाजिक तत्वों को दबोचने में लगाए, तो शायद आम जनता को खौफ के साए से मुक्ति मिले और सही मायने में राहत महसूस हो।
प्रशासन की इस कार्रवाई ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि पुलिस का असली काम सड़कों पर सिर्फ चालान काटना है या आम शहरी को अपराध मुक्त माहौल देना?
(आदित्यपुर और जमशेदपुर की हर छोटी-बड़ी और जनहित की खबरों के लिए जुड़े रहें सिर्फ तीसरी धारा न्यूज के साथ।)
