आदित्यपुर: राजनीति में कब कौन दोस्त से दुश्मन बन जाए, यह कहना मुश्किल है। सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) की मेयर प्रत्याशी रहीं बारी सोरेन पर अपनी ही एक पूर्व समर्थक का घर उजाड़ने और उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
वार्ड नंबर 1, हथियाडीह की रहने वाली पार्वती किस्कू का आरोप है कि वह मेयर चुनाव के दौरान बारी सोरेन की कट्टर समर्थक थीं। पार्वती के अनुसार, उन्होंने चुनाव प्रचार में बारी सोरेन की मदद के लिए 1.50 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसकी किस्तें वह आज भी भर रही हैं।
पीड़िता का कहना है कि चुनाव में हार मिलने के बाद बारी सोरेन और उनके पति शंभू के तेवर पूरी तरह बदल गए। आरोप है कि:
- पार्वती जिस झोपड़ी में 2 महीने से रह रही थीं, उसे बारी सोरेन और उनके पति ने मिलकर तोड़ दिया।
- झोपड़ी न तोड़ने के एवज में 60,000 रुपये की मांग की गई थी।
- पैसे न दे पाने पर पार्वती का मोबाइल और कुछ नकद पैसे भी जब्त कर लिए गए।
चार बच्चों के साथ न्याय की गुहार
बेघर हुई पार्वती किस्कू अब अपने चार मासूम बच्चों के साथ न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। पार्वती का कहना है कि जिस प्रत्याशी के लिए उन्होंने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, आज उसी ने उन्हें बेघर कर दिया।
जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन घटना की छानबीन कर रहा है। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या एक गरीब पीड़िता को रसूखदार राजनीतिक चेहरे के खिलाफ न्याय मिल पाएगा या मामला दबकर रह जाएगा।
तीसरी धारा न्यूज के लिए आदित्यपुर से रिपोर्ट।
