सरायकेला:
सरायकेला-खरसावां जिले में बिजली की बदहाल व्यवस्था और अधिकारियों की संवेदनहीनता को लेकर जन-आक्रोश फूट पड़ा है। नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने इस गंभीर स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए JBVNL (झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड) जमशेदपुर के महाप्रबंधक (GM) को एक पत्र लिखकर बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।
“फोन तक नहीं उठाते जूनियर इंजीनियर” – गंभीर आरोप
अध्यक्ष मनोज चौधरी ने अपने पत्र में विभाग के अधिकारियों, विशेषकर कनीय अभियंताओं (Junior Engineers) पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि:
- जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं।
- फील्ड की समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है।
- शिकायत के लिए फोन करने पर अधिकारी अक्सर फोन नहीं उठाते, जिससे आम जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।
करोड़ों की योजनाएं फिर भी अंधेरे में शहर
पत्र में इस बात पर भी हैरानी जताई गई है कि सरकार द्वारा शहरी विद्युत सुंदरीकरण और इंसुलेटेड वायर (कवर्ड तार) जैसी योजनाओं पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, फिर भी धरातल पर सुधार शून्य है।
- मामूली फाल्ट, घंटों कटौती: छोटी-सी तकनीकी खराबी आने पर भी घंटों बिजली गुल रहती है। हाल ही में एक मामूली फाल्ट के कारण पूरा शहर पूरी रात और अगली सुबह तक अंधेरे में डूबा रहा।
जलापूर्ति और व्यापार पर पड़ रही दोहरी मार
बिजली की अनियमितता ने शहर की लाइफलाइन को प्रभावित किया है:
- पानी का संकट: बिजली न होने से जलापूर्ति ठप हो जाती है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है।
- कारोबार और पढ़ाई: दुकानदारों और छोटे व्यापारियों का धंधा चौपट हो रहा है। वहीं, परीक्षाओं के समय ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
30 दिन पहले की चेतावनी को किया अनसुना
मनोज चौधरी ने खुलासा किया कि लगभग एक महीने पहले उन्होंने 10 बिंदुओं पर कार्यपालक और सहायक अभियंताओं का ध्यान आकर्षित कराया था। इसके बावजूद विभाग की नींद नहीं खुली। उन्होंने इसे अधिकारियों की ‘उदासीनता’ करार देते हुए कहा कि ऐसे कर्मी सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग
नगर पंचायत अध्यक्ष ने महाप्रबंधक से मांग की है कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले और काम में कोताही बरतने वाले अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो जनता का आक्रोश सड़क पर उतर सकता है।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क
