तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर
देशभर में पिछले कई दिनों से जारी छात्र आंदोलन के बीच आज का दिन बेहद निर्णायक साबित हुआ। लंबे समय से सड़कों पर चल रहे इस आंदोलन, जिसमें लाखों छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न संगठनों का समर्थन शामिल था, के बाद अंततः केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ बदलाव की एक नई उम्मीद जागी है। इस घटनाक्रम को तानाशाही व्यवस्था पर एक बड़ा प्रहार करार दिया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के जिला महामंत्री संजीव सिंह ने कहा कि छात्र आंदोलन का इतिहास रहा है कि उसने जब भी हुंकार भरी है, देश को एक नई दिशा मिली है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताया कि इस अधिकार की लड़ाई में कई होनहार छात्रों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक है। उन्होंने आंदोलन के दौरान शहीद हुए सभी छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनके परिजनों को यह असह्य दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
सड़क से सदन तक की लड़ाई से मिला बल
संजीव सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सड़क से लेकर सदन तक छात्रों की आवाज़ को प्रमुखता से उठाने के कारण ही इस आंदोलन को अपार बल मिला। इसी दबाव और जनआक्रोश का नतीजा है कि आज शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
उच्च स्तरीय समिति के गठन की मांग
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कांग्रेस जिला महामंत्री ने मांग की है कि देश की शिक्षा प्रणाली को दुरुस्त और सुदृढ़ करने के लिए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन किया जाना चाहिए। यह समिति ऐसी ठोस रणनीति तैयार करे जिससे भविष्य में कभी किसी छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो और न ही किसी भी स्थिति में किसी छात्र को अपनी जान गंवानी पड़े।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज (जमशेदपुर)
