तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
शहर में सक्रिय साइबर अपराधियों को अवैध और फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले अंतरराज्यीय व स्थानीय नेटवर्क के खिलाफ जमशेदपुर पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस जांच में कुल नौ ऐसे सिम विक्रेताओं की संलिप्तता सामने आई है, जो कथित तौर पर साइबर ठगों को अवैध तरीके से सिम कार्ड मुहैया करा रहे थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना की पुलिस ने बर्मामाइंस क्षेत्र से एक सिम विक्रेता रौनक कुमार को गिरफ्तार किया है।
बिना वैध दस्तावेजों के सस्ते दामों पर बेचता था सिम
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रौनक कुमार बिना किसी वैध दस्तावेजों और उचित सत्यापन के सस्ते दामों पर सिम कार्ड हासिल कर सीधे साइबर अपराधियों को बेच रहा था। इन फर्जी नंबरों का इस्तेमाल कर साइबर ठग देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को फोन कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों से अपना निशाना बनाते हैं। फर्जी आईडी और दस्तावेजों पर सिम जारी होने के कारण ठगी के मामलों में असली अपराधियों तक पहुंचना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होता था। फिलहाल पुलिस इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर शहर के कई अन्य इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है।
बिरसानगर में 67 सिम कार्ड बरामदगी के बाद खुला था राज
गौरतलब है कि हाल ही में बिरसानगर जोन नंबर-2बी स्थित ओमनगर रोड नंबर-एक में पुलिस ने एक बड़े साइबर गिरोह के ठिकाने पर छापेमारी कर भारी मात्रा में 67 सिम कार्ड बरामद किए थे। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों से पांच युवकों को भी गिरफ्तार किया था। वर्तमान में पुलिस उन सभी बरामद सिम कार्डों की तकनीकी जांच (Technical Analysis) करने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन नंबरों का इस्तेमाल किन-किन बैंक खातों और साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं में किया गया है। साथ ही इन नंबरों के जरिए ठगी के शिकार हुए लोगों की फेरिस्त भी तैयार की जा रही है।
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