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जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम मुक्केबाज़ी संघ की विशेष आम सभा संपन्न, खेल प्रशासन में पारदर्शिता और खिलाड़ियों के अधिकारों की उठी मांग

तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:

पूर्वी सिंहभूम मुक्केबाज़ी संघ की विशेष आम सभा रविवार को सीतारामडेरा स्थित सेंटर के सभागार में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन की मान्यता, खिलाड़ियों के अधिकार, प्रशिक्षकों की भूमिका और झारखंड में मुक्केबाज़ी के सर्वांगीण विकास को लेकर कई गंभीर मुद्दे उठाए गए। बैठक में खिलाड़ियों, पूर्व मुक्केबाज़ों, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों ने खेल प्रशासन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जोरदार मांग की।

​संघ के अध्यक्ष और ओलंपियन दिवाकर प्रसाद की उपस्थिति में हुई चर्चा

सभा में संघ के अध्यक्ष लक्ष्मण टुडू, सचिव एवं ओलंपियन दिवाकर प्रसाद और कोषाध्यक्ष कार्तिक महतो समेत मुक्केबाज़ी जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा झारखंड मुक्केबाज़ी संघ के वरिष्ठ मार्गदर्शक अर्नेश लकड़ा ने भी बैठक में अपने बहुमूल्य अनुभव साझा किए। बैठक के दौरान मान्यता, संगठनात्मक पारदर्शिता, रेफरी-जजों की योग्यता और ग्रामीण स्तर पर खेल के विस्तार जैसे विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया।

​खिलाड़ियों के भविष्य और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

सभा में उपस्थित खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने दो टूक कहा कि किसी भी प्रकार के संगठनात्मक विवादों का असर उभरते हुए खिलाड़ियों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए। प्रतियोगिताओं में निष्पक्ष भागीदारी, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल उपकरणों और बॉक्सिंग रिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। पूर्व मुक्केबाज़ एवं प्रशिक्षक विजय सोय ने जमीनी स्तर पर बच्चों को प्रशिक्षण देने के अपने अनुभव साझा करते हुए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को पर्याप्त सहयोग देने की आवश्यकता बताई।

​ग्रामीण क्षेत्रों में बॉक्सिंग को बढ़ावा और खिलाड़ी की मृत्यु की निष्पक्ष जांच की मांग

बैठक में ग्रामीण प्रतिभाओं को मुक्केबाज़ी से जोड़ने की पहल पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत वर्ष 2025 में गठित संघ की समिति द्वारा पांच ग्रामीण क्षेत्रों में बॉक्सिंग क्लब शुरू किए गए हैं। वहीं दूसरी ओर, सीतारामडेरा सेंटर में एक खिलाड़ी की मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण घटना कामुद्दा उठाते हुए सदस्यों ने इसकी निष्पक्ष जांच कराने और जवाबदेही तय करने की मांग की। सदस्यों ने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

​पारदर्शी प्रक्रिया और वैधानिक समिति को मान्यता देने की उठी आवाज

सभा में रेफरी-जजों की नियुक्ति में प्रमाणित योग्यता व पारदर्शिता बरतने, पूर्ववर्ती समिति के पदाधिकारियों की पात्रता, तथा वैधानिक प्रक्रिया के तहत गठित पात्र समिति को मान्यता देने की मांग की गई। बैठक में शामिल सभी लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि झारखंड में मुक्केबाज़ी का स्तर सुधारने के लिए आपसी विवादों को दरकिनार कर ठोस कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है।

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