तीसरी धारा न्यूज / नई दिल्ली:
त्योहारी सीजन को देखते हुए केंद्र सरकार और यूपीआई एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। आगामी 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर लागू होने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (UPI MDR) के फैसले को दिवाली के बाद तक के लिए टाल दिया गया है. अब चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) यूपीआई ट्रांजैक्शन पर यह चार्ज दिवाली के बाद लागू होगा, जिसकी नई तारीख की घोषणा अलग से की जाएगी.
व्यापारियों के लिए क्यों है यह राहत की खबर?
दिवाली, दशहरा और नवरात्रि जैसे प्रमुख त्योहारों का यह समय देश भर के व्यापारियों के लिए कारोबार का सबसे बड़ा और मुख्य अवसर माना जाता है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) द्वारा लगातार यह हवाला दिया जा रहा था कि इस तरह के शुल्कों से व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, जिसके बाद इसे टालने की लगातार मांग की जा रही थी. व्यापारियों की इस मांग को ध्यान में रखते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की स्टीयरिंग कमेटी ने यह बड़ा कदम उठाया है.
क्या है नया एमडीआर फ्रेमवर्क और नियम?
बीते 14 सितंबर 2026 को जारी किए गए नोटिफिकेशन और एनपीसीआई (NPCI) के सर्कुलर के अनुसार, सरकार ने यूपीआई पेमेंट के लिए नया एमडीआर फ्रेमवर्क तैयार किया था:
- 2000 रुपये से कम के लेनदेन: इस राशि से कम के ट्रांजैक्शन पर एमडीआर पूरी तरह से शून्य (Zero MDR) रखा गया है.
- 2000 रुपये से अधिक के लेनदेन: इस सीमा से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.40% का एमडीआर तय किया गया है, जिस पर अब फेस्टिव सीजन को देखते हुए रोक लगाई गई है.
- छोटे व्यापारियों को छूट: जो दुकानदार अपने क्यूआर कोड (QR Code) के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये तक का लेनदेन करते हैं, उन्हें भी जीरो एमडीआर (Zero MDR) की कैटेगरी में रखा गया है.
फ्लैट-रेट मॉडल के तहत आने वाली श्रेणियां
एनपीसीआई के सर्कुलर के अनुसार कुछ खास क्षेत्रों को फ्लैट-रेट मॉडल के दायरे में रखा गया है, जहां राशि चाहे जितनी भी हो, प्रति लेनदेन केवल 5 रुपये का रियायती चार्ज लागू होता है. इन श्रेणियों में पेट्रोल पंप, रेलवे यूपीआई ट्रांजैक्शन, बीमा प्रीमियम भुगतान (Insurance Premium), टेलीकॉम सर्विस पेमेंट और बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी बिलों के भुगतान शामिल हैं.
📌 तीसरी धारा न्यूज
व्यापार जगत और आर्थिक गतिविधियों की हर बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें तीसरी धारा न्यूज के साथ!
