तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
भारतीय सिनेमा के दिग्गज और प्रख्यात अभिनेता नाना पाटेकर (76 वर्ष) के आकस्मिक निधन के बाद गोवा पुलिस ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। पणजी पुलिस ने उनकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (Unnatural Death) का मामला दर्ज किया है। इस मामले की कमान पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक को सौंपी गई है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुका था निधन
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 8 अक्टूबर की सुबह डोना पॉला स्थित उनके ओशन पार्क अपार्टमेंट में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों द्वारा उन्हें बांबोलिम स्थित मणिपाल अस्पताल के इमरजेंसी कैजुअल्टी वार्ड ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद ही उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (अस्पताल लाने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया था।
घर पर बिगड़ी थी तबीयत, CPR की कोशिशें भी रहीं नाकाम
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 अक्टूबर की सुबह नाना पाटेकर को सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई और वह अपने घर पर बेहोश हो गए थे। तत्काल बुलाई गई मेडिकल टीम ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया और कार्डियक मसाज (CPR) भी दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय और चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की होगी जांच
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज करने का मुख्य उद्देश्य उन परिस्थितियों की विस्तृत पड़ताल करना है, जिनमें यह दुखद घटना घटी। पुलिस अब अभिनेता के परिजनों और मेडिकल स्टाफ के बयान दर्ज करेगी। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों की भी गहनता से जांच की जाएगी।
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