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सरकारी उपेक्षा के खिलाफ ग्रामीणों की मिसाल: खुदियाडीह में चंदा जुटाकर और श्रमदान से बनाई 350 फीट सड़क

तीसरी धारा न्यूज / सरायकेला:

सरायकेला जिला अंतर्गत चांडिल अनुमंडल के चवलीबासा पंचायत स्थित खुदियाडीह गांव के ग्रामीणों ने सरकारी तंत्र और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से तंग आकर आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। वर्षों से सड़क की दयनीय स्थिति झेल रहे ग्रामीणों ने किसी सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय आपस में चंदा जुटाया और सामूहिक श्रमदान कर खुद ही लगभग 350 फीट लंबी सड़क का निर्माण कर डाला।

​पैसे जुटाकर खरीदा चारकोल, फिर खुद बनाई सड़क

ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत फंड से गांव में 200 फीट लंबी पीसीसी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी। लेकिन लाभुक समिति के जरिए कार्य कराने का प्रस्ताव दिए जाने के बाद इस स्वीकृत योजना को पंचायत के किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित (शिफ्ट) कर दिया गया। इससे ग्रामीणों में भारी निराशा फैल गई। जब कई बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने कोई सुध नहीं ली, तो ग्रामीणों ने अपनी मेहनत की कमाई से चंदा इकट्ठा कर कंपनी से चारकोल खरीदा और श्रमदान कर सड़क तैयार कर दी।

​मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा खुदियाडीह गांव

चौका-ईचागढ़ मुख्य सड़क के बिल्कुल किनारे स्थित होने के बावजूद खुदियाडीह गांव मूलभूत सुविधाओं से महरुम है। सड़क के अलावा गांव में बिजली और पेयजल की स्थिति भी अत्यंत जर्जर है। शिक्षा के मामले में भी गांव काफी पिछड़ा हुआ है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत यहां नव प्राथमिक विद्यालय खोला गया था, जिसे बाद में दूसरे स्कूल में विलय (मर्ज) कर दिया गया।

​खतरे में बच्चों की पढ़ाई और भविष्य

ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब 35 से 40 बच्चे स्कूल जाने की उम्र के हैं। गांव का स्कूल बंद होने के कारण इन बच्चों को पढ़ाई के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस दौरान बच्चों को व्यस्त और जानलेवा चौका-पातकुम सड़क भी पार करनी पड़ती है, जिससे हमेशा हादसे का डर बना रहता है।

​इन ग्रामीणों ने दिया अहम योगदान

इस सामूहिक सड़क निर्माण में अनिल बास्के, सोमचंद बास्के, रमेश हांसदा, समल सोरेन, फूलचंद टुडू, डेनियल मुर्मू, श्यामल हांसदा और रबींद्र सोरेन समेत कई अन्य ग्रामीणों ने मुख्य रूप से श्रमदान कर योगदान दिया।

​📌 तीसरी धारा न्यूज

जहाँ चाह, वहाँ राह: व्यवस्था की नाकामी पर ग्रामीणों के श्रमदान का करारा जवाब!

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