तीसरी धारा न्यूज | 26 सितंबर 2026 | जमशेदपुर
सड़क हादसे के बाद अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की आपात बैठक में बड़ा फैसला
सोनारी मरीन ड्राइव पर हाल ही में हुए भीषण सड़क हादसे में चार स्कूली बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद शहर के निजी स्कूल सख्त रुख अपना रहे हैं। छात्र सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जमशेदपुर अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की एक आपात बैठक शुक्रवार शाम जॉयच तारापोर स्कूल के सभागार में आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में शहर के करीब 30 निजी स्कूलों के प्राचार्यों (प्रिंसिपलों) ने हिस्सा लिया और छात्र सुरक्षा पर कई कड़े निर्णय लिए।
छात्रों के बाइक-स्कूटी से स्कूल आने पर पूरी तरह रोक, अभिभावकों से भी सहयोग की अपील
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि किसी भी छात्र को बाइक या स्कूटी से स्कूल आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन के सचिव श्रीकांत नायर ने बताया कि कई छात्र स्कूल परिसर में गाड़ियां न लाकर आसपास की गलियों या घरों के पास पार्क कर पैदल स्कूल पहुंचते हैं, ऐसे मामलों पर भी कड़ाई से रोक लगाई जाएगी। एसोसिएशन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की दोपहिया वाहन लाने की जिद को सख्ती से खारिज करें।
स्कूल यूनिफॉर्म में दोपहिया चलाते दिखे तो ट्रैफिक पुलिस करेगी ड्राइविंग लाइसेंस की जांच
एसोसिएशन ने जिला ट्रैफिक पुलिस से विशेष सहयोग की मांग की है। ट्रैफिक पुलिस से अपील की गई है कि शहर में यदि कोई भी छात्र स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर बाइक या स्कूटी चलाता हुआ दिखे, तो उसे रोककर उसके ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट की कड़ाई से जांच की जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य नाबालिगों द्वारा बिना लाइसेंस के वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
11वीं के छात्रों के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य, कोचिंग कल्चर पर भी चर्चा
बैठक के दौरान कक्षा 11वीं के छात्रों में कोचिंग के प्रति बढ़ते रुझान और स्कूल में कम उपस्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई गई। एसोसिएशन ने फैसला किया है कि 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी। जो छात्र इस शर्त को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें वार्षिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, हर साल ‘लीडरशिप कॉन्क्लेव’ आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है।
25% आरक्षित सीटों पर दाखिला और फीस वृद्धि के नियमों पर स्पष्टीकरण
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पहले की तरह जारी रहेगी। फीस बढ़ोतरी के मुद्दे पर कहा गया कि हर दो साल में 10 प्रतिशत शुल्क वृद्धि के तय नियमों का ही पालन किया जाएगा। वहीं, सरकारी अनुदान से संबंधित मामला फिलहाल माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में विचाराधीन है, जिस पर अदालत के अंतिम फैसले के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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