तीसरी धारा न्यूज | 25 सितंबर 2026 | सीनी
बारिश के कारण सीनी अंडरपास पुलिया जलमग्न, आवाजाही पूरी तरह ठप
चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत सीनी जंक्शन स्थित मुख्य सड़क अंडरपास पुलिया में भीषण जलजमाव होने से स्थानीय जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार और अत्यधिक बारिश के कारण अंडरपास पानी में पूरी तरह डूब चुका है। पानी भर जाने की वजह से आम लोगों, स्कूली बच्चों और वाहनों का आना-जाना पूरी तरह से बंद हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
हर बारिश में बनती है विकराल स्थिति, रोजमर्रा के काम हुए प्रभावित
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है; थोड़ी सी भी अत्यधिक बारिश होते ही यह अंडरपास पुलिया जलमग्न हो जाती है। पानी भर जाने के कारण आसपास के दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है। ग्रामीण अपने जरूरी कामकाज, खरीदारी और दैनिक आवश्यकताओं के लिए भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
इमरजेंसी सेवाओं पर लगा ब्रेक, अस्पताल और प्रखंड मुख्यालय पहुंचना कठिन
जलजमाव का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ा है। रास्ते में गहरा पानी भरे होने के कारण एम्बुलेंस भी अंडरपास से आर-पार नहीं हो पा रही है। इसके चलते गंभीर मरीजों को इलाज के लिए निकटवर्ती अस्पताल, सरायकेला सदर अस्पताल या प्रखंड एवं जिला मुख्यालय तक ले जाना बेहद मुश्किल और जोखिम भरा हो गया है, जिससे किसी बड़े हादसे का डर बना हुआ है।
अधिकारियों की उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीण, स्थायी समाधान की मांग
सड़क ठप होने से परेशान स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और रेलवे के प्रति भारी असंतोष देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए चक्रधरपुर रेल मंडल प्रबंधक (DRM) और सरायकेला-खरसावां के जिलाधिकारी को तुरंत इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए। ग्रामीणों ने जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने और अंडरपास की ऊंचाई सुधारने जैसे आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
जिला प्रशासन और रेलवे से तत्काल पहल करने की अपील
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जब तक कोई स्थायी ढांचागत समाधान नहीं होता, तब तक पंप लगाकर जल निकासी की त्वरित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि रेलवे और जिला प्रशासन मिलकर इस मुख्य मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं करते हैं, तो क्षेत्र के लोगों के पास आंदोलन के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचेगा।
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