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निखार सबलोक हत्याकांड: सिदगोड़ा के विक्रम उद्योग पहुंची जांच, फंडिंग और पुराने वित्तीय संपर्कों को खंगाल रही पुलिस

तीसरी धारा न्यूज         |         22 सितंबर 2026         |         जमशेदपुर

सिदगोड़ा स्थित विक्रम उद्योग में छापेमारी

​कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच का दायरा अब लगातार विस्तृत होता जा रहा है। अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े ठिकानों और सोनारी स्थित डिजिटल मीडिया कार्यालय की गहन पड़ताल के बाद मंगलवार को पुलिस की जांच सिदगोड़ा स्थित ‘विक्रम उद्योग’ तक पहुंच गई। पुलिस टीम ने प्रतिष्ठान में पहुंचकर काफी देर तक जांच-पड़ताल की। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान वहां से किसी महत्वपूर्ण वस्तु अथवा दस्तावेज की बरामदगी को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सफ़ेदपोश कनेक्शन और पुराने कारोबारी नेटवर्क की तलाश

​सूत्रों और उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, विक्रम उद्योग का संबंध अपराधकर्मी से सफ़ेदपोश बने विक्रम शर्मा से रहा है। इसी कारण पुलिस अब निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में मुख्य साजिशकर्ता राघव से जुड़े मौजूदा नेटवर्क के साथ-साथ पुराने कारोबारी और वित्तीय संपर्कों की कड़ियां भी बारीकी से खंगाल रही है। मंगलवार को सिदगोड़ा के विक्रम उद्योग में हुई पुलिसिया कार्रवाई को इसी विस्तृत जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

सोनारी के डिजिटल मीडिया कार्यालय के बाद अगली कड़ी

​इससे पूर्व सोमवार को सरायकेला-खरसावां और जमशेदपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सोनारी में अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े ठिकानों और एक डिजिटल मीडिया कार्यालय में छापेमारी की थी। उस दौरान पुलिस ने कई दस्तावेजों और डिजिटल सामग्रियों को खंगाला था। गौरतलब है कि निखार सबलोक की बीते 24 अगस्त को चांडिल थाना क्षेत्र स्थित टेंथ माइलस्टोन होटल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें पुलिस ने राघव को मुख्य साजिशकर्ता बताया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

हत्याकांड के पीछे आर्थिक स्रोतों और फंडिंग का पर्दाफाश

​मामले में पुलिस की जांच अब केवल शूटरों और कथित साजिशकर्ताओं तक ही सीमित नहीं है। राघव से जुड़े प्रतिष्ठानों, डिजिटल मीडिया आउटलेट्स और वित्तीय स्रोतों की जांच कर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस आपराधिक नेटवर्क को आर्थिक मदद और संसाधन कहां से उपलब्ध कराए जा रहे थे। पुलिस जांच में राघव और विक्रम शर्मा के नेटवर्क के बीच पुराने संबंधों के संदर्भ भी सामने आए हैं, हालांकि किसी भी भूमिका का निर्धारण कानूनी साक्ष्य के आधार पर ही होगा।

जांच एजेंसियों की हर कदम पर पैनी नजर

​फिलहाल सिदगोड़ा स्थित विक्रम उद्योग में मंगलवार को हुई छापेमारी से पुलिस को क्या ठोस सुराग मिले हैं, इसका आधिकारिक खुलासा होना बाकी है। लेकिन पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई से साफ है कि जांच एजेंसियां निखार हत्याकांड से जुड़े वित्तीय साम्राज्य और पुराने नेटवर्क की हर एक कड़ी को जोड़ने में पूरी मुस्तैदी से जुटी हुई हैं।

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