Site icon

एक कॉल पर 4 घंटे में मिलेगा ब्लड: झारखंड सरकार की नई पहल, रांची में बनेगा विशेष कमांड सेंटर

तीसरी धारा न्यूज   |   17 सितंबर 2026   |   रांची

मरीजों और परिजनों को भटकने से मिलेगी मुक्ति

झारखंड में अब मरीजों और उनके परिजनों को इमरजेंसी स्थिति में ब्लड की व्यवस्था के लिए अस्पतालों और ब्लड बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य सरकार एक ऐसी अत्याधुनिक और त्वरित व्यवस्था शुरू करने जा रही है, जिसके तहत महज एक कॉल करने पर जरूरतमंद मरीज को चार घंटे के भीतर सुरक्षित रक्त उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग और एमएस साइंस कंपनी के बीच एमओयू को अंतिम रूप दिया गया है।

नेपाल हाउस में एमओयू पर लगी मुहर, टोल फ्री नंबर होगा जारी

नेपाल हाउस स्थित मंत्रालय में आयोजित एमओयू कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह और एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की गरिमामयी उपस्थिति रही। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 90 दिनों (तीन महीने) के भीतर इस पूरी व्यवस्था को धरातल पर उतार दिया जाए। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा और रांची में एक विशेष कमांड सेंटर स्थापित होगा, जहाँ से ब्लड की मांग और आपूर्ति की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी।

ब्लड कलेक्शन से लेकर डिलीवरी तक की जिम्मेदारी निजी एजेंसी की

एमओयू के प्रावधानों के अनुसार, संबंधित एजेंसी ही ब्लड कलेक्शन, उसकी मानक जांच (सजावटी व सुरक्षा मानकों के अनुरूप), स्टोरेज, रखरखाव और अस्पतालों तक सुरक्षित पहुँचाने की पूरी कमान संभालेगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने चाईबासा की घटना का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए स्पष्ट हिदायत दी कि मरीजों को बिना जांच किया हुआ असुरक्षित रक्त किसी भी सूरत में नहीं दिया जाएगा। एजेंसी को प्रति यूनिट ब्लड के आधार पर भुगतान किया जाएगा।

रक्तदान के लिए राज्यव्यापी अभियान और एनसीसी-एनएसएस का सहयोग

राज्य में रक्त की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर रक्तदान अभियान चलाए जाएंगे। अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ एनसीसी, एनएसएस, पुलिस बल और निजी संस्थाओं के माध्यम से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में रक्तदाताओं के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था भी एजेंसी द्वारा की जाएगी, जबकि स्वास्थ्य विभाग तकनीकी सहयोग और दिशा-निर्देश प्रदान करेगा।

आपातकालीन सेवा में मील का पत्थर साबित होगी योजना

इस पूरी दूरदर्शी पहल का मुख्य उद्देश्य सरकारी और निजी अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता को सर्वसुलभ बनाना है। यदि यह महत्वाकांक्षी योजना तय समय-सीमा में लागू होती है, तो यह झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम होगा, जहाँ केवल एक फोन कॉल पर 4 घंटे में सुरक्षित ब्लड की उपलब्धता मरीजों की जान बचाने में वरदान साबित होगी।

तीसरी धारा न्यूज — जन-स्वास्थ्य सर्वोपरि, सुरक्षा और त्वरित सेवा ही हमारी पहचान!

Exit mobile version