Site icon

एनआईटी जमशेदपुर में मना हिंदी दिवस, हिंदी को ज्ञान और नवाचार की भाषा बनाने का आह्वान

तीसरी धारा न्यूज | 14 सितंबर 2026 | जमशेदपुर

एनआईटी जमशेदपुर में हिंदी दिवस का भव्य आयोजन

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सितंबर माह को हिंदी माह के रूप में मनाए जाने के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं व्यावसायिक कार्यों में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करने और इसके प्रचार-प्रसार के लिए हिंदी शपथ दिलाई गई।

माननीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी के संदेश का वाचन

कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी का हिंदी दिवस संदेश पढ़कर सुनाया गया। उन्होंने अपने संदेश में हिंदी को भारत की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय अस्मिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त अभिव्यक्ति बताया। श्री जोशी ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि देश की विविधता को एकता के सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। सरलता और व्यापकता के कारण यह प्रशासन, शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान और प्रौद्योगिकी का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

विकसित भारत-2047 के संकल्प में हिंदी की अहम भूमिका

शिक्षा मंत्री ने ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने में हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी में कार्य करना केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि सुशासन और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भागीदारी का प्रतीक है। अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी से हिंदी को ज्ञान, नवाचार, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प की सशक्त भाषा बनाने का आह्वान करते हुए ‘जय हिंद’ के साथ शुभकामनाएँ दीं।

निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने बहुभाषी संस्कृति पर दिया जोर

समारोह में एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार का संदेश भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने देश की बहुभाषी एवं समावेशी संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, हिंदी समिति के अध्यक्ष प्रो. निरंजन कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी ज्ञान, सृजनात्मकता और सामाजिक जुड़ाव की महत्वपूर्ण भाषा है। उन्होंने संस्थान के सभी सदस्यों से दैनिक कार्यों में हिंदी को अपनाने का आग्रह किया।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ कार्यक्रम का सफल समापन

कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉ. रजत त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों का आभार जताया। इस आयोजन ने न केवल संस्थान में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा दिया, बल्कि तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं की मजबूत भागीदारी का एक स्पष्ट और सकारात्मक संदेश भी दिया।

तीसरी धारा न्यूज

मातृभाषा का सम्मान, हर खबर में निष्पक्ष पहचान

Exit mobile version