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NPCI ने लॉन्च किया UPI ‘टैप एंड पे’ और ‘माय यूपीआई’ फीचर: अब बिना इंटरनेट और क्यूआर कोड के भी होगा डिजिटल भुगतान

तीसरी धारा न्यूज

11 सितंबर 2026, नई दिल्ली

क्यूआर कोड स्कैन किए बिना एनएफसी तकनीक से सीधा होगा पेमेंट

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सितंबर 2026 में यूपीआई का नया ‘टैप एंड पे’ (Tap and Pay) फीचर पेश कर दिया है। इसके तहत अब दुकानों पर भुगतान करने के लिए ग्राहकों को न तो क्यूआर कोड स्कैन करने की आवश्यकता होगी और न ही दुकानदार का मोबाइल नंबर दर्ज करना पड़ेगा। यह प्रणाली नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) तकनीक पर आधारित है, जिसमें स्मार्टफ़ोन को मर्चेंट की पीओएस (POS) मशीन या डिजिटल साउंडबॉक्स के पास टैप करते ही भुगतान की प्रक्रिया तुरंत पूरी हो जाएगी।

कमजोर नेटवर्क और बिना इंटरनेट के भी काम करेगा ऑफलाइन भुगतान

इस नए फीचर की सबसे बड़ी खासियत इसका ऑफलाइन मोड में काम करना है। जहां आमतौर पर खराब नेटवर्क के कारण डिजिटल पेमेंट अटक जाता था, वहीं अब यूपीआई लाइट (UPI Lite) वॉलेट और सुरक्षित ऑफलाइन टोकन के जरिए बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी लेन-देन संभव हो सकेगा। एनपीसीआई की योजना वर्ष 2026 की अंतिम तिमाही तक इस सुविधा को देश भर के सभी प्रमुख मर्चेंट पीओएस टर्मिनल्स पर पूरी तरह लागू करने की है।

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में एआई साथी ‘माय यूपीआई’ का आगाज़

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के मंच से एनपीसीआई ने ‘माय यूपीआई’ (My UPI) नामक एक नया एआई साथी (AI Companion) भी लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ताओं के लिए डिजिटल लेन-देन को अधिक सुगम बनाने के साथ-साथ साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षा प्रदान करना है। इसके भीतर शामिल ‘पे अगेन’ (Pay Again) फीचर के माध्यम से बार-बार किए जाने वाले भुगतानों को अब और भी आसानी से दोहराया जा सकेगा।

‘पे सेफ’ और ‘ऑटोमेटेड कंप्लेंट्स’ से ऑनलाइन फ्रॉड पर लगेगी लगाम

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ‘माय यूपीआई’ में ‘पे सेफ’ (Pay Safe) सुविधा दी गई है, जिसके जरिए यूजर किसी भी क्यूआर कोड की प्रामाणिकता और मर्चेंट की पेमेंट हिस्ट्री जांच सकेंगे। इसके अलावा, किसी भी गलत लेन-देन या समस्या की स्थिति में ग्राहक सीधे यूपीआई ऐप के अंदर से ही ‘ऑटोमेटेड कंप्लेंट्स’ (Automated Complaints) फीचर के तहत शिकायत दर्ज और ट्रैक कर सकेंगे, जिससे उन्हें अलग से बैंक जाने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।

‘सेफ्टी स्विच’ और ‘डी-लिंक’ से ग्राहकों को मिलेगा खाते पर पूरा नियंत्रण

एनपीसीआई ने उपयोगकर्ताओं की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘सेफ्टी स्विच’ (Safety Switch) और ‘यूपीआई डी-लिंक’ (UPI De-link) फीचर्स भी जारी किए हैं। सेफ्टी स्विच के जरिए ग्राहक अपनी आवश्यकतानुसार यूपीआई सेवाओं को नियंत्रित या रोक सकते हैं, जबकि डी-लिंक फीचर की मदद से वे अपने यूपीआई नंबर को आसानी से हटा सकते हैं। इन सभी तकनीकी बदलावों से देश के करोड़ों डिजिटल उपयोगकर्ताओं को एक तेज, सुरक्षित और सहज बैंकिंग अनुभव मिलेगा।

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