रांची: राजधानी के पंडरा थाना क्षेत्र में शनिवार रात हुए सनसनीखेज गैंगवार मामले में रांची पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन के निर्देश पर गठित SIT ने 48 घंटों के भीतर छापेमारी कर मुख्य आरोपी संजय पांडे सहित कुल पांच अपराधियों को दबोच लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय पांडे (मुख्य आरोपी), बबलू, रवि, अज्जू साह और एक अन्य सहयोगी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी जमीन के कारोबार से जुड़े हैं और इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।
वर्चस्व की जंग: संदीप थापा बनाम संजय पांडे गिरोह
शनिवार देर रात पंडरा स्थित ‘मान्या टावर’ के पास रांची के दो कुख्यात गुट— संदीप थापा गिरोह और संजय पांडे गिरोह— आमने-सामने आ गए थे।
- विवाद की जड़: पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रिंग रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर के पीछे की एक विवादित जमीन के सौदे के बाद 55 लाख रुपये के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों में ठन गई थी।
- खूनी संघर्ष: इसी विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष जुटे थे, लेकिन शराब के नशे और पैसों की तकरार ने इसे गैंगवार में बदल दिया। दोनों ओर से करीब एक दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग हुई।
तीन लोग हुए घायल, बरामद हुए 12 खोखे
इस अंधाधुंध गोलीबारी में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए:
- विकास सिंह: छाती और हाथ में गोली लगी (संदीप थापा गिरोह)।
- आकाश सिंह: विकास का भाई, हाथ में गोली लगी (संदीप थापा गिरोह)।
- रवि यादव: संजय पांडे गिरोह का सदस्य, घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती।
SSP की सख्त कार्रवाई: “अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं”
एसएसपी राकेश रंजन ने कार्यभार संभालते ही अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। इस मामले में भी उन्होंने तत्काल SIT का गठन किया, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को रांची के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटनास्थल से 12 खोखे बरामद किए हैं, जो गोलीबारी की भयावहता को दर्शाते हैं।
”जमीन विवाद और अवैध वसूली में शामिल किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। पंडरा कांड के सभी मुख्य आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।”
— राकेश रंजन, SSP रांची
