तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर (मानगो) | 20 अगस्त 2026
मानगो नगर निगम में प्रशासनिक खींचतान और राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। मेयर सुधा गुप्ता की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए डिप्टी मेयर और 19 पार्षदों ने मोर्चा संभाल लिया है। पार्षदों के इस बागी रुख से नगर निगम प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
डिप्टी मेयर और पार्षदों ने उप नगर आयुक्त को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। पत्र में बीते 18 अगस्त को आयोजित बोर्ड बैठक में पास किए गए प्रस्तावों और टेंडर प्रक्रियाओं की वैधानिकता (लीगलिटी) पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्षदों ने मांग की है कि इस बैठक में लिए गए सभी फैसलों की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए, क्योंकि बैठक के आयोजन और निर्णयों में नियमों की अनदेखी की गई है।
झारखंड नगरपालिका अधिनियम के उल्लंघन का आरोप
पार्षदों का आरोप है कि मानगो नगर निगम बोर्ड की बैठकें तय नियमों और समयावधि के अनुसार आयोजित नहीं की जा रही हैं। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि लगभग चार महीने के लंबे अंतराल के बाद 18 अगस्त को बोर्ड बैठक बुलाई गई, जबकि झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 की धारा 74 के तहत हर महीने बोर्ड की बैठक आयोजित करना अनिवार्य है।
लगातार बैठकों में हो रही देरी से शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी की जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मानगो नगर निगम प्रशासन पार्षदों की इस लिखित शिकायत पर क्या रुख अपनाता है और क्या कार्रवाई करता है।
तीसरी धारा न्यूज विचार: जन प्रतिनिधियों का एकजुट होकर नियमों के अनुपालन की मांग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। नगर निगम प्रशासन को जल्द ही इस मामले को सुलझाकर शहर के विकास कार्यों को गति देनी चाहिए।
— तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो
