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प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ा 12 वर्षीय अंकुश: 48 घंटे बाद स्वर्णरेखा नदी से शव बरामद

जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी के डोंगा घाट पर नहाने के दौरान डूबे 12 वर्षीय अंकुश कालिंदी का शव बुधवार को बरामद कर लिया गया। बिरसानगर निवासी अंकुश की मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा है, वहीं बचाव कार्य में हुई देरी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

घटना का घटनाक्रम

प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल

​घटना के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने में घोर लापरवाही बरती गई। स्थानीय लोगों की मांग के बावजूद NDRF/SDRF की टीम को मौके पर पहुंचने में 48 घंटे की देरी हुई। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते सक्रिय होता, तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

विधायक की पहल और रेस्क्यू ऑपरेशन

​स्थानीय विधायक पूर्णिमा दास के हस्तक्षेप के बाद बुधवार सुबह रांची से NDRF की टीम जमशेदपुर पहुंची। टीम ने डोंगा घाट पर सघन तलाशी अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद अंकुश का शव नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।

​”यह घटना हमारे जिले के आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर बड़ा सवालिया निशान है। एक पिता की चीखें व्यवस्था की विफलता की गवाही दे रही हैं।” — स्थानीय निवासी

निष्कर्ष: इस घटना ने एक बार फिर जमशेदपुर में त्वरित आपदा प्रतिक्रिया तंत्र (Quick Response System) की कमी को उजागर किया है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।

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